नींद अब जल्द लुटने वाली है

नींद अब जल्द लुटने वाली है

By | 2018-02-11T17:24:22+00:00 February 11th, 2018|Categories: गीत-ग़ज़ल|Tags: , , |0 Comments

ख़्वाब में जिससे कल लड़े हैं हम,

आज उसको ही…..ढूँढते हैं हम,

 

तुम से लड़ने के बाद में….जाना,

खुद से ही फिर बहुत लड़े हैं हम,

 

सबसे मिलते हैं हम मुहब्बत से,

हां अभी शह्र में……नये हैं हम,

 

हम से कहते हैं अब ये टूटे कप,

तुम से कितनी दफा मिले हैं हम,

 

शक़्ल खुद की भी अब तो याद नहीं,

इतने चहरे बदल चुके हैं हम

 

नींद अब जल्द लुटने वाली है,

कुछ हंसीं ख़्वाब बुन रहे हैं हम ।

 

//सौभरि दीपेश शर्मा//

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