अनाथ

अनाथ

By | 2018-02-22T22:17:53+00:00 February 22nd, 2018|Categories: लघुकथा|Tags: , , |0 Comments

चमेली को स्वयं नही पता था कि उसके माता-पिता कब गुजरे। नादान उम्र थी उस समय चमेली की सिर्फ चार वर्ष। सयुंक्त परिवार में ताऊ और चाचा के बच्चों संग बड़ी हुई। ताऊ ने तेरह वर्ष की छोटी उम्र में उसका विवाह लालाराम के संग कर अपनी इतिश्री समझी और अपना बोझ लालाराम को सौंप दिया। उम्र में लालाराम चमेली से बारह वर्ष बड़े थे।

विवाह को चालीस वर्ष हो गए। चमेली दादी और नानी बन गई। लालाराम के संग उसे किसी चीज की कमी महसूस नही हुई। उसकी हर ख्वाहिश को लालाराम ने पूरा किया।

अचानक लालाराम गुजर गए। चमेली त्रेपन की उम्र में विधवा हो गई। चमेली अकेली रह गई। बच्चे साथ थे लेकिन वे अपनी दुनिया में व्यस्त रहते। कुछ पल पोते-पोतियों के संग गुजरता लेकिन अकेली चमेली के आंखों में आंसू भरे रहते और रातों को बुदबुदाती “लाला तुम मुझे विधवा नही अनाथ कर गए लाला, अनाथ कर गए लाला, अनाथ।”

 

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कहानियाँ लिखना शौक है। फुर्सत के पलों में शब्दों को जोडता और मिलाता हूं।

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