ये सपनें ही अपने होते हैं

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ये सपनें ही अपने होते हैं

ये सपनें ही अपने होते हैं….

कुछ सपने, सपने ही होते हैं
कुछ सपने अपने तो कुछ अपनों के होते हैं
फिर भी सपनें तो सपने ही होते हैं
ये सपने ही एक दिन हकीकत होते हैं
सच कहूँ तो सपने-सपने नहीं होते
सपनें तो एक मकसद, एक लक्ष्य होते हैं
कुछ कर गुजरने की चाह,
तो कुछ पाने की अभिलाषा होते हैं
सपनें मजबूरी के तो कहीं किसी कि चाहत के
कभी अपने लिए तो कभी अपनों के लिए
हम सपनें तो देखते ही हैं
देखना भी जरूरी है क्योंकि
जैसे बिना सपनों की दुनिया का कोई रंग न होता
आपके सपनों से हर शख्स को कोई इल्म न होता है
वो कितना भी सगा हो या पराया
आपको सिर्फ गिनती के लोग ही समझेंगे
हाँ, गर वाकई में कोई आपको समझता है
वही आपके सपनों को अपना समझेगा
बिना किसी मूल्य के, बिना किसी चाह के
बिना शिकवा, बिना शिकायत के
आपके सपनों को पूरा करने को आतुर होगा
बाकी तो सिर्फ अपने सपनों के लिए करेंगे इस्तेमाल
हाँ सिर्फ वो आपका इस्तेमाल करेंगे
और हम खुद ज़िम्मेदार हैं इसके
तो क्यों न हम खुद से अपने सपनें देखें
और अपने सपनों को साकार करें
गैरों से शिकायत क्या करना
जब अपने ही अपने न होते हैं
बिन सपनों के हम अधूरे होते हैं
सपनों के पूरे होते ही सच में हम पूरे होते हैं
सच है कि सपनें तो सपने होते हैं पर
ये सपने ही अपने होते हैं..

 

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