कुछ दर्द की रवानगी है।

कुछ दर्द की रवानगी है।

By | 2018-03-12T19:10:18+00:00 March 12th, 2018|Categories: कविता|Tags: , , |2 Comments

कुछ दर्द की रवानगी है
कुछ यादों की निशानी है
कुछ सालों गुजरे लम्हों की
कुछ अनकही कहानी है।

कुछ कह चुके हो तुम
कुछ मेरा कहना बाकी है
कुछ सवाल अब भी है
कुछ जवाब अब भी बाकि है।

कुछ उदासी तेरी आखों में भी है
कुछ चुप्पी मेरी बातोँ में भी है
कुछ ख्वाहिशें बेमतलब सी भी है
कुछ नाराजगी जायज सी भी है

कुछ अश्क तेरी आंखों में भी है
कुछ दर्द मेरी बातों में भी है
कुछ सपने अब भी सपने है
कुछ रिश्ते अब भी अपने है
(नीतू सोलंकी)
ग्वालियर मध्यप्रदेश
12/4/2018

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2 Comments

  1. SUBODH PATEL March 13, 2018 at 3:43 pm

    यादों के लम्हे भी बहुत अजीब होते है
    ये लम्हे यादों के बहुत ही अजीज होते है
    बहुत याद आते है और दर्द देते है ये लम्हे
    हाँ ये भी सच है कुछ पल को बहुत ही सकूँ देते है ये लम्हे

    बहुत अच्छा लिखा आपने नीतू जी सुपर

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  2. Neetu Solanki March 14, 2018 at 3:41 pm

    शुक्रिया सुभाष जी प्रतिक्रिया के लिए।

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