अंतर्मन

अंतर्मन

By | 2018-03-19T20:54:27+00:00 March 19th, 2018|Categories: कविता|Tags: , , |0 Comments

अंतर्मन कर रहा है निरंतर कोशिश कुछ पाने की
कुछ अनसुलझे सवालो को सुलझाने की
कुछ उलझ ,कुछ सुलग रहे
कुछ सवाल निरर्थक ही पनप रहे
अंतर्मन कर रहा है निरंतर कोशिश कुछ पाने की 
कुछ अनसुलझे सवालो को सुलझाने की

शालिनी जैन

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