अपने लिए

अपने लिए

By | 2018-03-21T18:39:45+00:00 March 21st, 2018|Categories: कविता|Tags: , , |0 Comments
अपने लिए तो जीते है सभी
दूसरो के लिए जी कर तो देखो
किसी का दुःख
किसी की तकलीफ बाट कर तो देखो
मन तृप्त हो जाता है जब कोई हमारी कोशिश से सकून पता है
और उसकी आँखो में विश्वास जाग जाता है
अपने लिए तो जीते है सभी।।
                                      – शालिनी जैन

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