मैं ना रही

मैं ना रही

By | 2018-03-21T18:34:17+00:00 March 21st, 2018|Categories: कविता|Tags: , , |0 Comments

नहीं रही यदि दुनिया में तो
फूलों में मिल जाऊंगी
हरी घास पर तुम गुजरो
अहसास तुम्हें दे जाऊंगी
चंपा बेला की महकों में
याद तुम्हें आ जाऊंगी
अधकली कलियों में
दुल्हन सा शरमाऊंगी
मोगरे के पीले फूलों में
बंसत सा मिल जाऊंगी
हरसिंगार के फूलों में
खुश्बु की तरह मंडराऊंगी
तुम भूल ना जाना मुझको
बगिया में मिल जाऊंगी
#नीरजा शर्मा #

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