मेरे हमदम

मेरे हमदम

By | 2018-03-24T16:28:10+00:00 March 24th, 2018|Categories: गीत-ग़ज़ल|Tags: , , |0 Comments

आप जैसा दिलदार कहाँ ?

            मुझ जैसा तलबगार कहाँ ?

आपके तशरीफ़ लाने के बाद,

हमारे दिल पर इख़्तियार कहाँ ?

 

इन पलकों में अब एक क़तरा,

आँसू भी समा  जाए  जहाँ !

आपके  दीदार  के  बाद  ,

इनमें अब वह जगह कहाँ ?

 

सुना है  इस  ज़माने  में ,

खूबसूरती   है   बेइन्तहा !

दिले-अंजुमन में छाई बहार,

बिन आपके एक पल करार कहाँ?

Comments

comments

Rating: 4.1/5. From 8 votes. Show votes.
Please wait...
Spread the love
  • 20
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    20
    Shares

About the Author:

परास्नातक,संस्कृत, इ०वि०वि०।(लब्ध -स्वर्णपदक) डी०फिल०, संस्कृत विभाग, इ०वि०वि०।

Leave A Comment