मेरे गुम होने की रिपोर्ट

मेरे गुम होने की रिपोर्ट

By | 2018-04-15T20:48:27+00:00 April 15th, 2018|Categories: कविता|Tags: , , |0 Comments

 

घर वालों को उम्मीद
कि कमाकर दूंगा
पत्नी को उम्मीद
कि प्रेम दूंगा

विभाग वालों को उम्मीद
कि ईमानदारी से करूँगा नोकरी

सब लगाए बैठे हैं उम्मीदें मुझसे
मुझसे क्यूँ नहीं पूछा जाता –
कि मेरी क्या है उम्मीदें ?

सबकी उम्मीदों पर
खरा उतरने की कोशिश में
मुझसे से ‘मैं’ कहीं खो गया…

कभी जाओ थाने की तरफ
तो मेरे गुम होने की
रिपोर्ट लिखवा आना…

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