रौशनी

रौशनी

By | 2018-04-21T20:57:45+00:00 April 21st, 2018|Categories: गीत-ग़ज़ल|Tags: , |0 Comments

तरही गजल :1

इनके यहाँ इफरात उजाला पसर गया।
वो शख्स रोशनी की तमन्ना में मर गया।।

बच्चों की खुशी ढूंढने निकला नहीं मिली।
तो सोचिये वो लौट के किस तरह घर गया।

जीना ही उसका अब वहां मुहाल हो गया।
यूँ ही नहीं वो गांव अपना छोड़कर गया।

मंजिल के लिए उसने क्या क्या नहीं किया ।
रस्ते में समन्दर को भी वो पार कर गया।।
**जयराम राय **

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