मेरी दुनिया माँ

मेरी दुनिया माँ

By | 2018-05-16T21:13:52+00:00 May 15th, 2018|Categories: कविता|Tags: , , |0 Comments

एक शब्द से दुनिया मेरी
वो एक शब्द ही महान हे,
जन्म दिया उसने मुझे
कण-कण मेरा उसका कर्जदार हे,

आँचल की छाया मे पला उसकी
हर कदम मेरा उसकी ही पहचान हे,
वो ही मेरी पहली गुरू
वो ही मेरी भगवान हे,

वो माँ हे मेरी
मुझे उसका गुमान हे
ॐ से ब्रम्हाण की उत्पत्ति पर
वो ही मेरा ब्रम्हाण है ..

– दीपक उपाध्याय

Comments

comments

Rating: 4.0/5. From 1 vote. Show votes.
Please wait...
Spread the love
  • 4
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    4
    Shares

About the Author:

Leave A Comment