कैसे सहते हो?

कैसे सहते हो?

By | 2018-05-19T22:07:30+00:00 May 19th, 2018|Categories: कविता|Tags: , , |1 Comment

कैसे सहते हो ?
कोई कैसे सह सकता है,
ऐसे नीच हत्यारों को ।
कैसे सजा नहीं मिलती है,
कामी, कुत्सित, पापी को।
यदि तेरी माँ बहनें होतीं,
फिर भी क्या तुम चुप रहते।
शव की दयनीय दशा देख भी,
सबूत ,गवाही माँगते हो।
सीधे गोली मारो पहले ,
फिर शव का अंतिम संस्कार करो।
या उनको तिलतिल कर मारो,
शान्ति मिले आत्मा को ।
राजनीति का खेल खेलते,
वोटनीति के लालच से ।
तुम भी तो इंसान हो भाई,
कैसे सहते बेटी के अपमान को।
दो चार भी गर फाँसी पाते,
ऐसी हरकत वे करते ही नहीं।
रूह काँप जाती उनकी,
जब भी सोचते ऐसा वे ।
हाथ तुम्हारे शक्ति है ,
माँ बहन बेटियाँ मारी जाती।
कैसे तुम इसान हो जो
शव के मरने का सबूत चाहते हो।
जनता सब एक हो जाये,
करदे फिर कुछ ऐसा ही ।
पहले कुत्तों को गोली मारे ,
फिर खबर पहुँचाये थाने में ।
खुद जनता को जागृत होना है,
जब ऐसे न्याय मिलेंगे उनको ।
कोई मार्च न कोई अनशन ,
सीधे फिर वारान्यारा होगा ।

डॉ.सरला सिंह

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शिक्षण कार्य टी.जी.टी.हिन्दी खाली समय में लेखन कार्य।

One Comment

  1. SUBODH PATEL May 19, 2018 at 10:14 pm

    बिल्कुल सही बात कही आपने

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