मुफलिसी

मुफलिसी

By | 2018-05-21T22:25:54+00:00 May 21st, 2018|Categories: गीत-ग़ज़ल|Tags: , , |0 Comments

रदीफ निभाइये के अन्तर्गत :-

राहबर जब मेहरबान हो जायेगा।।
तो सफर मेरा आसान हो जायेगा।।

आप धरती का झुक कर नमन तो करो।
आसमानों का सम्मान हो जायेगा।।

कुछ धरातल के नीचे भी देखा करो।
तुमको ऊपर बहुत ज्ञान हो जायेगा।।

मुफलिसी का अगर मैं शिकार हो गया।
हर कोई मुझसे अन्जान हो जायेगा।।

जुल्म और ज्यास्ति के ही मद्देनजर।
ये शहर सारा वीरान हो जाएगा।।

दूसरों की कदर जो नहीं कर सका।
शर्तिया उसका अपमान हो जायेगा।।

आँख पर जब भरोसा नहीं होगा तो।
देख हर शय वो हैरान हो जाएगा।।
**जयराम राय **

Comments

comments

Rating: 3.0/5. From 2 votes. Show votes.
Please wait...
Spread the love
  • 2
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    2
    Shares

About the Author:

Leave A Comment