खंजर का मंजर।

खंजर का मंजर।

By | 2018-05-24T23:47:14+00:00 May 24th, 2018|Categories: गीत-ग़ज़ल|Tags: , |1 Comment

जब हमें खौफ का मंजर दिखाई देता है।

ख्वाब में भी हमें खंजर दिखाई देता है।।

 

वो शख्स सामने नहीं है कोई बात नहीं।

हमारे दिल के वो अन्दर दिखाई देता है।।

 

जो लोग खून के रिश्ते की कद्र करते हैं।

उन्हें कतरे में समन्दर दिखाई देता है।।

 

जिनकी आँखों में हौसलों का कोई सूरज है।

उन्हें उजाला निरन्तर दिखाई देता है।।

 

वो जरूरी नहीं ताकत का खजाना होगा।

जो देखने में धुरन्धर दिखाई देता है।

 

अमीरी और गरीबी में फर्क ज्यादा है

जो हुकूमत को बराबर दिखाई देता है।।

 

वो जो हरवक्त निगाहों में बना रहता है।

उसका हर झूठ सरासर दिखाई देता है।।

                                              – जयराम राय 

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  1. SUBODH PATEL May 26, 2018 at 7:18 am

    एकदम सही बात कही

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