गजल

गजल

By | 2018-05-26T22:31:29+00:00 May 26th, 2018|Categories: गीत-ग़ज़ल|Tags: , , |0 Comments

उनवान ‘गजल, पर एक गजल देखें :-

हँसते हँसते अगर येे आँख सजल होती है।
ऐसी हालत में सुना है कि गजल होती है।।

कोई धोखे से अगर जंग हमसे जीत लिया।
हमारी हाय से फिर उसको खलल होती है।।

अगर मालिक का इरादा बदल गया है तो।
कहाँ ऐसे में कोई चाल सफल होती है।।

छल कपट का जहाँ माहौल नहीं होता है।
वहां बच्चों की बहुत ज्यादा अकल होती है।।

अगर खामोश है माहौल उनकी महफिल का।
फिर तो अंदाजे-बयां सबकी सकल होती है।।
-जयराम राय

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