खबर करना

खबर करना

By | 2018-05-30T22:03:11+00:00 May 30th, 2018|Categories: गीत-ग़ज़ल|Tags: , , |0 Comments

गिरहबन्द गजल :-

याद आये हैं वो लम्हें जो गुजर कर आये।
रफ्ता रफ्ता मेरे जज्बात उभर कर आये।।

मैंने सोचा था आँसुओं को रोक लेंगे मगर।
जब भी आये मेरे आँखों में वो भर कर आये।।

जिन्दगी में हमें ठोकर बहुत लगे हैं मगर।
हम तो हर बार हौसले से सुधर कर आये।।

तुम्हें बदनाम जो करने के लिए काफी था।
वो उसी बात को दुनियाँ में खबर कर आये।।
**जयराम राय **

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