प्रभू

गर्भ से सुरक्षित
बच आने के बाद
इस धरा पर
मुझ जैसी
नन्हीं-सी बच्ची का
जन्म लेना
क्या सार्थक हो पाएगा…
अथवा,
किसी साथी
या, जीवन साथी
या, किसी पथ के साथी के द्वारा
ख़त्म कर दी जाऊँगी
और, इस तरह
मेरा जन्म लेना
क्या निरर्थक हो जाएगा ?

लेखक/ लेखिका : गोपाल प्रसाद ‘निर्दोष’

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