जीवन एक यात्रा

यहाँ हर पल कोई आताहै
हर पल ही कोई जाता है
जीवन एक यात्रा है
चलते चले जाना है
कभी रुकना , कभी सुस्ताना ,
कहीं किसी पड़ाव पर रुक जाना
कई साथी यहां मिलते हैं
कुछ बिछड़ जाते हैं
कुछ साथ चलते हैं
आज कोई सफर में साथ है
तो कल छोड़ चलता वो हाथ है
फिर भी चलते हैं
सब से मिलते हैं
बोलते बतियाते हैं
कुछ सुनते , कुछ कहते हैं
बात कोई दिल से न लगाते हैं
माफ करते कराते बढ़ जाते हैं
आगे बढ़ते इस राह में
जाने कब स्टेशन आ जाना है
कुछ दिनों का डेरा है
यहां कौन पक्का ठिकाना है !
जीवन यात्रा है बस
चलना चलाना हैं।

मंजु सिंह

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