हिंदी ही

गंगा यमुना सरस्वती

नर्मदा

नदियों

की भांति

जीवनदायनी

हैं

भाषा भाषण भाषाई

को

सुर लय ताल

का

ज्ञान कराती है

 

अनिल

 

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