लिंग

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लिंग

By |2016-09-19T09:13:16+00:00July 26th, 2016|Categories: व्याकरण|0 Comments

( GENDER ) 

किसी वस्तु या वय्क्ति की जाति बोध कराने वाली संज्ञा के रुप को लिंग कहते हैं।जैसे – लड़का ( पुलिंग ) ,लड़की ( स्त्रीलिंग ) इत्यदि ।

लिंगनिर्णय के प्रमुख नियम:-

() पुलिंग शब्दों की पहचान :-

  1. मनुष्य और बड़े पशुओं में नर. जैसे – पुरुष,नर, घोडा, लड़का आदि.
  2. संस्कृत के अकारांत तत्सम शब्द. जैसे – अध्यक्ष, अध्याय, कण आदि.
  3. छोटे पक्षियों, कीड़ो,आदि के नाम शब्द की जाति व्यवहार के आधार पर. जैसे- कौआ, सांप, मच्छर आदि.
  4. द्वंद्वसमास के प्राणीवाचक शब्द. जैसे – माँ-बाप, नर-नारी आदि.
  5. अप्राणीवाचक संज्ञाओं के रूप के आधार पर. जैसे– आम, अनार, चन्द्र आदि.
  6. आ, आव, न, प्, आवा अथवा पण से अंत होने वाली हिंदी की भाववाचक संज्ञाएँ. जैसे – बुढ़ापा, मोटापा, बचाव आदि.
  7. वे संज्ञाएँ जिनके अंत में आकर हो. ‘इया’ प्रत्यय को छोड़कर. इसमें तत्सम शब्द भी नहीं आते. जैसे -बच्चा, छटा, कपडा आदि.

() स्त्रीलिंग शब्दों की पहचान:-

  1. आ, ई, अथवा उ से अंत होने वाले तत्सम शब्दो। जैसे – दया, कृपा, प्रार्थना आदि.
  2. अ अथवा न से अंत होने वाली संस्कृतेतर भाववाचक संज्ञाएँ. जैसे – प्रकार, चमक, समझ आदि.
  3. ता, आवट तथा आहट प्रत्यय से अंत होने वाली भाववाचक संज्ञाएँ. यथा -झंझट, सजावट, घबराहट आदि.
  4. तत्सम को छोड़कर वे संज्ञाएँ जिनके अंत में ई, ऊ,इया, टीअथवा स हो.
    1. ई से अंत होने वाली संज्ञाएँ – धोती,साड़ी, चीटीं आदि.
    2. ऊ से अंत होने वाली संज्ञाएँ – लू,गेरू, बाल आदि.
    3. इया से अंत होने वाली संज्ञाएँ – बुढ़िया,खटिया,डिबिया, नथिया आदि.
    4. ख से अंत होने वाली संज्ञाएँ – राख, आँख, सीख आदि.
    5. त से अंत होने वाली संज्ञाएँ – रात, बात, आंत आदि.
    6. स से अंत होने वाली संज्ञाएँ – घास, आस, सांस आदि.
  • इस नियम के कुछ अपवाद भी हैं. पानी, मोती, घी, हाती, पाख, विकास, निकास आदि.
  • नदियों और तिथियों के नाम. जैसे-
    1. नदियां – यमुना, गोदावरी, कावेरी, भागीरथी, आदि.अपवाद – सोन, दामोदर, सिंधु तथा ब्रम्हपुत्र।
    2. तिथियाँ– प्रतिपदा, दितिया, दूज, तृतीया, तीज, चतुर्थी, चौथ  आदि.
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