सर्वनाम

Home » सर्वनाम

सर्वनाम

By |2016-09-19T09:12:07+00:00July 26th, 2016|Categories: व्याकरण|0 Comments

सर्वनाम( Pronoun )

सर्वनाम

उस  विकारी शब्द को ‘सर्वनाम’ कहते हैं जो पूर्व में प्रयुक्त संज्ञा के बदले आता है. जैसे – सीता एक अच्छी लड़की है.

सर्वनाम के भेद

सर्वनामों की संख्या

सर्वनामों की संख्या 11 (ग्यारह) है. – मैं, तू, आप,यह,वह, जो, सो, कोई, कौन, कुछ तथा

सर्वनाम के भेद :-

प्रयोग के अनुसार सर्वनाम के छः भेद और तीन उपभेद हैं. वे इस प्रकार हैं –

पुरुषवाचक सर्वनाम – ये पुरुषों (पुरुष अथवा स्त्री) के नाम के बदले आते हैं. इनके तीन भेद हैं-

  1. उत्तम पुरुष– मैं,हम, (‘मैं’ का बहुवचन रूप)
  2. मध्यम पुरुष– तू, आप, तुम (‘तू’ का बहुवचन)
  3. अन्य पुरुष– वह, वे (‘वह’ का बहुवचन), यह, ये (‘यह’ का बहुवचन)

निजवाचक सर्वनाम – ये वे सर्वनाम हैं जिनका प्रयोग स्वयं के लिए होता है, जैसे – आप, स्वयं,स्वत:, अपने आप, खुद इत्यादि ।

निश्चयवाचक सर्वनाम -जिससे वक्ता के निकट अथवा दूर की वस्तु के निश्चय का बोध हो, वह निश्चयवाचक सर्वनाम है.  जैसे – यह, वह.

अनिश्चयवाचक सर्वनाम – निश्चित वस्तु का बोध न करने वाला सर्वनाम अनिश्चयवाचक सर्वनाम है. जैसे – कोई, कुछ.

सम्बन्धवाचक सर्वनाम – जिस सर्वनाम से किसी दूसरे सर्वनाम से सम्बन्ध स्थापित किया जाये, उसे सम्बन्धवाचक सर्वनाम कहते हैं. जैसे – जो, सो.

प्रश्नवाचक सर्वनाम – प्रश्न करने के लिए प्रयुक्त होने वाले सर्वनाम को प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं. जैसे कौन, क्या.

Say something
No votes yet.
Please wait...

About the Author:

Leave A Comment

हिन्दी लेखक डॉट कॉम

सोशल मीडिया से जुड़ें ... 
close-link