अभिभावक कैसे कैसे?

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अभिभावक कैसे कैसे?

By |2016-10-05T21:38:44+00:00September 4th, 2016|Categories: लघुकथा|Tags: |0 Comments

आज एडमिशनके लिएलड़कियों की बहुत भीड़थी।मैं बहुत थक गयी थी ।पानी पीने का भी अवकाश नहीं मिला था ।हम प्रिंसिपलों के लिए एडमिशन का ये दौर बहुत कष्ट कारकहोता है। सबको संतुष्ट करना है और कॉलेज का हित भी देखना है । मैंने हाथ में एक लड़की का फार्म पकड़ रखा था और उसे समझा रही थी कि ठीक से फार्म भर कर लाये कि एक महिला ने मेरे ऑफिस में प्रवेश किया।
मैंने बैठने का इशारा किया और हाथ का काम निपटा कर माथे का पसीना पोंछ कर महिला से मुखातिब हुई-

-कहिये क्या काम है?
-जी कुछ नहीं बस आपके दर्शन करने चली आई।
मैंने कुछ कौतुक भरी नजरों से उसे देखा। महिला अच्छे घर की लग रही थी। सलवार सूट पहना था और स्वस्थ शरीर ।लगभग पचास की उमर थी ।
मुझे देखते पाकर वह मुस्कुराई और कहा-
-मेरी एक हेल्प करेंगी?
मैं इसी बात की प्रतीक्षा कर रही थी ।
-जी कहिये मैं आपकी क्या मदद कर सकती हूँ ?
-आप मेरी लड़की का क्लास बता दीजिये
-जरूर आपकी लड़की किस कक्षा में है
-जी वह हाई स्कूल में आ गयी है
-किस सेक्शन में है
-जी यही तो पता लगाना है
-क्या आपकी लड़की को अपना सेक्शन नहीं पता
-जी वह तो नाम लिखाने के बाद आई ही नहीं
-तो क्लास टीचर से मिलें
-जी यही तो प्रोब्लम है
-क्लास टीचर ही याद नहीं
अब धैर्य का दामन मेरे हाथ से फिसलता जा रहा था
-आप अपनी लड़की से कहें अंदर जाकर अपनी क्लास टीचर को पहचाने
-जी यही तो समस्या है लड़की आई नहीं है
मैंने झल्ला कर कहा
-तो आप मुझसे क्या चाहती हैं
-आप बस यह बता दें मेरी लड़की किस कक्षा में पढ़ती है
-मैं यह नहीं बता पाऊँगी यहाँ हजारों लड़कियां हैं मैं  कैसे बताऊँ कि आपकी लड़की किस कक्षा में है
-क्यों प्रिंसिपल होता किस लिए है आपको तो पता ही होना चाहिए कि मेरी लड़की किस क्लास में है
मैंने झल्ला कर कहा-
-देखिये बहनजी ।आपकी एक लड़की है और आप नहीं जानती कि वह किस क्लास में है, तो यहाँ सैकड़ों लड़कियों में मैं कैसे जानूंगी किआपकी लड़की किस क्लास में है?
-तो आप प्रिंसिपल किस बात की हैं ?मुझे ऐसा वैसा न समझना। मेरा लड़का बीटेक कर चुका है। मैं ही उसे पढ़ाती थी। मेरी लड़की बी -एड कर रही है ।
मैंने उन्हें हाथ जोड़े –
-बहनजी आप जाएँ। मुझे काम करने दें।
-जाते हैं जाते हैं। पता नहीं किसने इन्हें प्रिंसिपल बना दिया? कुछ तो आता नहीं ?
जाते जाते मैंने और मेरी कार्यालय सहायिका सीमा ने उनकी बडबडाहट सुनी और  हमारी हंसी छूट गयी।

— डा-ज्ञानवती दीक्षित 

In Roman

Aaj admission  k liye larkiyon ki bahut bhir thi. Main bahut thak gayi thi. Pani pine ka bhi awkas nahi mila tha. Hum principal k liye admission ka dour bahut kast karak hota hai. Sab ko santust karna hai aur college ka hit bhi dekhna hai. Maine hath me ek larki ka form pakar rakha tha aur use samjha rahi thi ki thik se form bhar kar laye ki ek mahila ne mere office me prawesh kiya.maine baithne ka isara kiya aur hath ka kaam nipta kar mathe ka pasina poch kar mahila se mukhatib hui-

-kahiye kya kaam hai?

-JI kuch nahi bas aapke darsan  karne chali aayi.

Maine kuch koutuk bhari nazron se use dekha. Mahila ache ghar ki lag rahi thi. Salwar pahna tha aur swasth sarir. Lagbhag pachas ki umar thi. Mujhe dekhte pakar wah muskurai aur kaha-

-meri ek help karengi?

Main isi baat ka pratiksha kar rahi thi.

  • Ji  kahiye main aapki kaise madad kar sakti hun?
  • Aap meri larki ka class bata dijiye
  • Jarur aapki larki kis kaksha me hai?
  • Jarur aapki larki kisi kaksha me hai
  • Ji yahi to pata lagana hai
  • Kya aapki larki ko apna section nahi pata
  • Ji wah naam likhane k baad aayi hi nahi
  • To class teacher se milen
  • Ji yahi to problame hai
  • Class teacher hi yaad nahi

Ab dhairya ka daman mere hath se fisalta ja raha tha.

  • Aap apni larki se kahen andar ja k apni class teacher ko pahchane
  • Ji yahi to samasya hai larki aayi nahi hai

Maine jhala kar kaha

  • To aap mujh se kya chahti hain
  • Aap bas yah bata den meri larki kis kaksha me padhti hai
  • Kyon principal hota kis liye hai aapko pata hi hona chahiye ki meri larki kis class me hai

Maine jhalla kar kaha

  • Dekhiye bahan ji. Aapki larki hai aur aap nahi janti hain ki kis class me hai , to yahan saikdo larkiyon me main kaise janungi ki aapki larki kis class me hai?
  • To aap principal kis baat ki hain? Muje aisa waisa mat samajhna mera beta B. Tech kar chukka hai. Main hi use padhati thi. Meri larki B. Ed kar rahi hai.

Maine unhe hath jode-

  • Bahan ji aap jayen. Mujhe kaam karne den.
  • Jate hain jate hain.pata nahi kisne inhe principal bana diya? Kuch to aata nahi

Jate jate maine aur meri karyalay sahaiyika ne unki bad badahat suni aur hansi chut gayi.

— Dr. Gyanwati Dixit

 

 

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