छम-छम पायल बाज

तेरी छम-छम पायल बाजे
जाङे के मौसम में,
थर-थरते होंठ बुलाए
जाङे के मौसम में।
तू आए तो मस्त हवाएं गाए
तू जाए तो दिल मेरा घबराए,
तेरे आने-जाने से
मुझे तङपाने से,
मस्ती का आलम छाए
जाङे के मौसम में
मेरी रग-रग रंग जमाए
जाङे के मौसम में।।
तू बोले तो गीत नया बन जाए
तू डोले तो नागन भी षरमाए,
तेरी नरम-गरम सांसों ने
तेरे बलखाते बालों ने
मुझे मदहोष किया है
जाङे के मौसम में,
मेरा तन-मन उङे हवा में
जाङे के मौसम में।।
तू नाचे तो सूखे पत्ते डोले
तू गाए तो अनबोले भी बोले,
तेरे नाचने गाने से
तेरे यूँ षरमाने से
मेरा सूखा मन हरियाए
जाङे के मौसम में,
रातों की नींद उङाए
जाङे के मौसम में।।
तू मुस्काए तो चांद जमीं पर आए
तू अंगङाए तो सूरज भी रुक जाए,
तेरी मन बहकाती बातें
ये प्यार लुटाती रातें
धरती को स्वर्ग बनाए
जाङे के मौसम में,
जीने की आस जगाए
जाङे के मौसम में।।
तेरी छम-छम पायल बाजे
जाङे के मौसम में,
थर-थरते होंठ बुलाए
जाङे के मौसम में।।

– के.वाणिका’दीप’

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