भारत माँ के लाल

हम भारत माता के हैं वीर लाल
नन्हें – नन्हें हाथों से करें कमाल
हम हैं छोटे – छोटे , प्यारे बच्चे
न समझना तुम हमें अक्ल में कच्चे .
हम भारत माता ……….
हम जग की चार दिषाओं से आए
पूरब , पष्चिम , उत्तर , दक्षिण बनाए
पूर्व का हम सूरज बनके आए
फुर्तीला सवेरा आकाष से लाए .
हम भारत माता ……….
पष्चिम के डूबते सूरज से लाए
हम कल की उम्मीदों की उड़ानें
उत्तर के ध्रूव तारे सरीखे हम
अटल इरादों को हैं अपनाएँ .
हम भारत माता ……….
दक्षिण का कुबेरी खजाना बन के
प्रगति , विकास , मूल्यों की दौलत दे के
देते देष देष को अनमोल धरोहर
हम ही लाल – बाल – पाल – से बनते
.
हम भारत माता ……….
आतंकी षूलों को उखाड़ फेंकते
कष्मीरी क्यारियों की केसर बन
द्वेश , कपट , नफरत की गांठें खोल
प्रेम , अमन , अहिंसा के फूल खिलाते .
हम भारत माता ……….
खतरे में पड़ी माँ की आजादी
बन बारूद हम आंच न आने देंग
मूल्य षीष का ’ मंजु ’ हम चुका देंगे
विजय पताका बन हम लहराएंगे .
हम भारत माता .

मंजू गुप्ता

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