बेटियाँ

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बेटियाँ

By |2017-01-16T23:45:14+00:00January 16th, 2017|Categories: कविता|0 Comments

पिता के लिए गर्व का विषय,

अपने फ़र्ज़ को बखूबी निभाती हैं  बेटियां

माँ के लिए सहेली सी,

काम में हाँथ बटती हैं  बेटियां

भाई से हमेशा  झगडती हैं,

पर वक़्त आने पे उसे डांट से बचाती हैं बेटियां

बहन के लिए प्रेरणा स्त्रोत सी,

उसे सही राह दिखाती हैं बेटियां

दुनिया के दर्दो गम को सह कर,

उसे दिल में छुपाती हैं बेटियां

उम्रभर खेलती  जिस  आँगन  में,

उसके  लिए  भी  परायी  होती  हैं बेटियां

और चली  जाती  हैं एक दिन दूसरे के घर

जार जार सभी को रुलाती हैं बेटियां!

— मनी चतुर्वेदी

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