तेरी मोहब्बत का अहसास अब तलक बाकी है।

है सास रूह में मेरी, तेरी याद तब तलक बाकी है।

चाहत दिल में तेरी है ये प्यार का अहसास तेरा है।

है बसी जो मुकम्मल यादे तेरी इस दिल में मेरे।

ज़िन्दगी की हर एक साँस पे अधिकार तेरा है।

हैं दो दिल तो क्या चाहत का एक अरमान है।

है फ़ना सुबोध मोहब्बत में इस कदर  तेरी।

था जो कल तेरा इंतजार अब तलक बकी है।

संग बीते लम्हों का अहसास अब तलक बाकी है।

तेरी मोहब्बत का अहसास अब तलक बाकी है।

— सुबोध कुमार पटेल

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