अचानक नहीं हुआ है

अचानक नहीं हुआ है

मैं सर्द रातों की ख़ामोशी सुनने लगा हूँ ।
ऐसा अचानक नहीं हुआ
एक शोर में छुपे सन्नाटे ने मुझे सुन लिया था ।
मैं भीड़ से तन्हाई चुनने लगा हु ।
ऐसा अचानक नहीं हुआ
चिड़ों का एक काफ़िला मेरे ऊपर से गुज़र गया था ।
मैं क़तराता हूँ सड़कों से
ऐसा अचानक नहीं हुआ
एक मोटर सामने से मेरी परछाई कुचल कर निकल गयी थी ।
नींदों से कटने लगा हु ।
क़दमो से पीछे हटने लगा हु ।
ऐसा अचानक नहीं हुआ है ।

— मानस मणि पाण्डेय 

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