तलाश

Home » तलाश

तलाश

By |2017-02-21T02:14:35+00:00February 19th, 2017|Categories: कविता|Tags: |0 Comments

बारिश मे भीगी हुई

वो आज भी याद आती है।

उस मिट्टी कि तलाश है

जो हर आगन मेहकाती है।

आकाश कि चादर ओढे़

वो चांदनी वादे है निभाती।

उसकी ही तो तलाश है

जिसकी वजह से राते काली नही जाती।

हासिल हुई प्यार को तो

कौन सी नही जिंदगीया।

उस प्यार कि तलाश है

जो जीते जी अमर हुआ।

जाने अनजाने जो भूल हो गई

क्या उनका असर होआ

मुझे उसकी तलाश है

जो दर्द मे भी दे दुआ।

थोड़ी खुशिया और थोडे़

गम की बहार हो।

मुझे दोनो कि तलाश है

ताकि जिंदगी बेशुमार हो।

जमीन मे पावं है तेरे

यह सारी ही दुनिया कहे।

वो आसमान कि तलाश है

जो मेरी दिल कि गंगा मे बहे।

चाहे जो हो हालात मेरे

वो संग मेरे खड़ा हो।

ऐसे साथ कि तलाश है

जो मतलबी से बड़ा हो।

रंगो मे भरी यादे जो

मेरी दुनिया ही बदल दे।

ऐसे पलों कीतलाश है

ऐसे पलों कीतलाश है ।

 -नेहा रावत

Say something
Rating: 3.0/5. From 1 vote. Show votes.
Please wait...

About the Author:

Leave A Comment