“गणतंत्र दिवस” पर काव्य गोष्ठी

‘नवान्कुर साहित्य सभा’ द्वारा आयोजित “गणतंत्र दिवस” पर काव्य गोष्ठी संम्पन्न हुई
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संजय कुमार गिरि ,नई दिल्ली ,कल दिनांक 28/01/2017 को ‘नवान्कुर साहित्य सभा’ ने दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी’ चाँदनी चौक में अपनी मासिक ‘युवा काव्य गोष्ठी’ का आयोजन किया । जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार और कवि डॉ बी एल गौड़ जी ने की । अतिथि कवियों में डॉ पूनम माटिया, अनिमेश शर्मा, तथा डॉ पन्नालाल रहे । मंच का सञ्चालन श्रीमति साधना शर्मा गीत ने और संस्था के महासचिव कालीशंकर सौम्य ने बहुत शानदार अंदाज़ में किया । व्यवस्था में सहयोगी कवि श्री गुड्डू शादी सुदामा, सूरजमणी त्रिपाठी, संजय गिरि(संस्था के मीडिया-प्रभारी), योगेश पाल, इन्द्रजीत सिंह, रिन्कज यादव जी रहे।.कवियत्री पूनम माटिया ने अपने एक देश भक्ति मुक्तक कहा —
जान देकर देश का तुम भाल ऊंचा कर गए
अपनी क़ुर्बानी से भारत माँ का टीका कर गए
ओ वतन के बागबां तुमसे ही ख़ुशियाँ सभी
खेल होली खून की आँगन में मेला कर गए …….
शायर नंदा नूर ने अपने कलाम में पढ़ा की —-
किसी किसी को खुदा की ये देन मिलती है,
नही है सब के मुक़द्दर में शायरी करना
कवि ओम प्रकाश शुक्ल ने राष्ट्रीय पर्व की बधाई ,देते एक सुन्दर दोहा पढ़ा —
सबका हित जन – जन सुखी, यही मूल है मंत्र।
रहे सुरक्षित साथियों, अपना यह गणतंत्र।।
युवा कवि निर्देश शर्मा ने जब ये शे’र पढ़ा तो वहां उपश्थित सभी श्रोताओं एन खूब वाह वाही की !
हाथ बस इतना लगा है ,हाथ थक जाने के बाद।
ये दवा खाने से” पहले , और ये खाने के बाद l!
कवि एवं पत्रकार संजय कुमार गिरि एक शे’र यूँ पढ़ा की —–
यहाँ “संजय” तुम्हारी बात पर जिनको भरोसा है
चलेंगे साथ वो ही जान जो तुम पर लुटाते हैं
इस अवसर पर दिल्ली एन सी आर के लगभग 75 कवियों ने शानदार काव्य पाठ करके वहां उपस्थित श्रोताओं का मन मोह कर मौलिक काव्य रस से सराबोर कर दिया।अंत में संस्था के अध्यक्ष अशोक कश्यप ने सभी साहित्यकार एवं कवियों का धन्यवाद किया !

— संजय कुमार गिरि

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