साथ साथी नहीं छोड़ना

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साथ साथी नहीं छोड़ना

By |2017-02-27T17:15:23+00:00February 27th, 2017|Categories: कविता|0 Comments

बंधनों को नहीं तोड़ना ।
साथ साथी नहीं छोड़ना ।।

प्रेम धागे नहीं तोड़ना ।
साथ साथी नहीं छोड़ना ।।

प्रीत धारा नहीं मोड़ना ।
साथ साथी नहीं छोड़ना ।।

पुष्प माला नहीं तोड़ना
साथ साथी नहीं छोड़ना ।।

यार वादा नहीं तोड़ना ।
साथ साथी नहीं छोड़ना ।।

दो दिलों को नहीं तोड़ना ।
साथ साथी नहीं छोड़ना ।।

– नवीन कुमार जैन

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