तनहाई में आते हैं सपने प्यार के ,

तनहाई  में आते हैं सपने प्यार के ,

काटे नहीं कटते लमहे इंतजार के

 

चला आये कोई खबर लिये प्यार की ,

दिल के संग आँखें भी रहतीं बेकरार सी

 

हाल ए दिल किससे कहूँ ,सूरत उदास है ,

सुनने वाला नहीं कोई ,तनहाई पास है ,

 

ज्जबात हाल ए दिल के ,रुकते नहीं सनम ,

आँखों के रस्ते धार सी ,बहती ही जा रही ,

 

बिन्दिया ,कभी चूड़ी ,कभी पायल सतातीहै ,

बिरह पीर का ये नगमा कोयल सुनाती है

 

पतझड़ भी मेरे संग में बिरह के गीत गाता हैl

छोेड़े हैं उसने पत्ते मुझको को बताता है ll

–विनय समाधिया

Rating: 1.0/5. From 1 vote. Show votes.
Please wait...

Leave a Reply

Close Menu