सवाल

मेरा एक सवाल है।
ना जाने उसका क्या जवाब है।
कभी हाँ तो कभी ना
सुनने को ये दिल
बेक़रार है।
कभी वो तो कभी उसका ख्बाब
मुझे बेचैन करता है।
अब ये प्यार नहीं तो क्या है।
जो मेरा चैन भी ले लेता है।
तुम्हारा यु जुल्फे सवारना
मेरी धड़कन को और धड़कना
अब ये प्यार नहीं तो क्या है।
मेरे सपनो में भी तुम्हारा होना।
मेरा एक सवाल है।
न जाने उसका क्या जवाब है।
अविनाश की तरह क्या तुम्हारा
दिल भी बेक़रार है।

— अविनाश कुमार

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