मौत की कविता

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मौत की कविता

……………………मौत का गीत
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विदेश  का जीवन दूर से बहुत  मनोरम लगता है ।हम उसे लेकर कई काल्पनिक सपने देखते हैं ।उस जीवन के प्रति आसक्त रहते हैं ।नमन  के मन में भी विदेश जाने की बड़ी ललक थी ।
कॉलेज के बाद जब उसे विदेश में जॉब मिली तो मानो वो आसमान पर उड़ रहा था ।भारत में अपना परिवार ,अपना प्यार सब छोड़ कर वो विदेश चला गया ।कभी मुड़ कर पीछे नहीं देखा ।
पर समय  एक सा नहीं रहता —  ” विदेश की जो रंगीनियां नमन को पहले बहुत  भायीं थीं ।अब वो उनसे ऊबने लगा था । एक रूटीन ,मशीनी ज़िन्दगी उसे  बैचैन  रखती थी ।”कई रिश्ते भी बने पर
” पानी में बुलबुले  ” की तरह  ढह  गये ।चित्रा उसे याद आने लगी थी ………
      दोनों कभी  कॉलेज के लव बर्ड थे । कॉलेज के बाद दोनों शादी करने वाले थे । शादी होती इससे पहले नमन को  विदेश से बहुत अच्छी नॉकरी का प्रस्ताव मिला ।पत्नी साथ नहीं जा सकती थी –ये शर्त थी  ।नमन ने  कैरिअर चुना ।नमन  याद कर रहा था वो दिन जब उसने कहा था ……..
चित्रा -” मैं अभी विदेश जा रहा हूँ ।शादी नहीं कर पाउँगा ।पहले वहां सेटल हो जाऊं फिर  शादी का सोचूंगा ” ..नमन ने फैसला सुना दिया था ।
चित्रा अवाक थी ।क्या उसकी कोई जगह नहीं नमन की ज़िन्दगी में ?
नमन चला गया । चित्रा से नमन की  कभी कभी फोन पर बात होती । चैटिंग भी होती रहती ।पर धीरे धीरे  सब कम होता गया ।
” कहते हैं  आँखों से दूर तो दिल से दूर ” —-बस वक़्त गुज़रता गया ।
अब ज़िन्दगी के इतने साल बीतने के बाद नमन को चित्रा की याद आ रही थी ।” क्या चित्रा ने शादी कर ली होगी ” ? नमन सोच रहा था ।
आंटी — ‘चित्रा कैसी है ? ‘ .. क्या उसकी शादी हो गयी ? …नमन ने कई साल बाद चित्रा के घर फोन किया था ।
” मैं चित्रा को फोन कर रहा था  ,पर वो फोन नहीं उठा रही ” इसलिए घर पर फोन किया ।
नमन ने चित्रा की माँ से कहा ।
चित्रा की माँ नमन को खूब सुनाना चाहती थी पर चुप रही बस ये बोली ….चित्रा अस्पताल में है ,उसका अंतिम समय है ।शादी नहीं हुई ।
क्या ? नमन चिल्लाया क्या हुआ उसे ? ..फोन कट चुका था ।
वो अगली फ्लाइट पकड़ भारत आया ।चित्रा के घर गया पता चला  –चित्रा को कैंसर है ,अंतिम स्टेज है ।
नमन अस्पताल पहुंचा …..चित्रा ऑंखें मूंदे लेटी थी ,बालों में सफेदी झांक रही थी ।” समय  अपने रंग दिखा  चुका था ”
नमन ने चित्रा का हाथ अपने हाथ में लिया ।चित्रा ने ऑंखें खोली ।
नमन –” तुम आ गए मुझे तुम्हारा ही इंतज़ार था ” ….याद है मेरे दो प्रिय गीत थे ..”..आज फिर तुमपे प्यार आया है ,बेहद और बेशुमार आया है ”  
दूसरा –” हम तुम्हें चाहते हैं ऐसे मरने वाला कोई ज़िन्दगी चाहता हो जैसे ” …सुनाओं न !
नमन ने गाया ……” हम तुम्हें चाहते हैं ऐसे मरने वाला कोई ज़िन्दगी चाहता हो जैसे ”
पर इससे पहले वो  पहला गीत गाता ………” मौत चित्रा के लिए वो गीत गा चुकी थी ……….आज फिर तुमपे प्यार आया है …….मौत को चित्रा पर प्यार आ चुका

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