आहत मन

जब दिल की खुशी, होंठों पर सजी

मैं चहचा उठी, मैं चहचा उठी।।

दुनिया की खुशी, लोगों की हंसी

मैं समझ ना सकी, मैं इठला उठी ।।

मैं निश्चल बाला इस दुनिया में,

प्रेम खोजने देखो चली ।।

लगी ठोकरें जब दिल को, हुआ सामना

धोखे से, मैं सह ना सकी, मैं  उठ ना सकी।।

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