कृष्ण बन आया करो

मेरे जीवन में सैलाब आये गर

तुम ठहराव बन कर आया करो

 

सूखा पड़े मेरे जीवन में गर कोई

तुम बरसात बन कर आया करो

 

सूनी हो गर मेरे जीवन की बगिया

तुम गुलाब बन महकाया करो

 

फीकी सी हो जब डगर कोई

तब तुम रंग बन आया करो

 

न कह पाऊँ मैं जब कुछ भी

मेरे अल्फ़ाज़ बन आया करो

 

समझ  जाओ मेरी चाहत को

राधा के कृष्ण बन आया करो

 

अमिता गुप्ता मगोत्रा

स्वरचित

No votes yet.
Please wait...

Amita Gupta Magotra

मैं अमिता गुप्ता मगोत्रा भारत देश में ,मोहाली -पंजाब प्रदेश की रहने वाली हूँ। मुझे कविताएं, कथा,कहानी लिखने का शौक है। विभिन्न किताबों,पत्रिकाओं में मेरी रचनाओं को स्थान मिल चुका है। मेरे पति व बेटी भी लिखते हैं।

Leave a Reply

Close Menu