नारी का सबक

आकाश में जाकर उड़ान भरूं
परिपक्वता हो जीवन मेरा
धरती का अभिमान बनूँ
गर्व बनूँ मैं हर नारी का
हर अन्याय का विरोध करूं मैं
दुर्गा चंडी देवी बनकर
सीता जैसी मुझमें शीतलता
कभी बन जाऊँ क्रष्ण प्रेयसी राधा
कभी अधिवक्ता बन जाऊँ मैं
दीनों निर्बलों का सहारा
कभी बन जाऊँ सौन्दर्य की मल्लिका
नारी को कमजोर न समझ प्यारे
मैं सृष्टि की जीवन दाता

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