आदरणीय मुख्याध्यापिका जी !
सेवा में निवेदन
आज पहली बार करूँ
देखिये वैसे तो मैं आपसे डरूँ
इसीलिए प्रार्थना पत्र द्वारा
आपसे इतनी सी
विनती करूँ।
परमात्मा भी मुझ जैसे बच्चों की
सुन लेते हैं हर बार
प्रथम न सही,चलो
द्वितीय श्रेणी में ही
पहुंचा देते अगली कक्षा के द्वार
आप भी मेरी अर्ज़ गर सुनते
आपको पता ही है
हर साल, सारे माता पिता
बहुत से सपने हैं बुनते
वो चाहते हैं मुझ से
मैं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हो जाऊँ
पर मैं उनको कैसे समझाऊँ
इतना दिमाग कहाँ से लाऊँ
तो बस अब आप पर आस
कृपया पूर्ण करें मेरा विश्वास
आऊँगा हर साल, बढ़िया सा
पुष्प गुच्छ लेकर आपके पास
आसान सा पर्चा अध्यापक जी से
लिखवा दीजिये
इतना सा कर्म कर
इस नाचीज़ पर
एहसान कीजिये।
वादा करता हूँ
छः सात घंटे सोने के इलावा
बाकि दिन रात आपके ही
गुण गाऊंगा
आपके इन एहसानों की गाथा
मैं पीढ़ियों तक सुनाऊँगा
आपका विद्यार्थी
क ख ग

अमिता गुप्ता मगोत्रा

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