ढुढंते रिश्ते

एक ओट में खडीं हुयी थी
🌻🌨️🌨️ झांक झांक कर देख रही थी
कुछ सूनापन था उसकी आंखों में
🌻🌨️🌨️ ख्वाबों को उधेड़ रही थी
कुछ सपने बुननेकी कोशिश में
🌻🌨️🌨️ पेड़ों से कितने पत्ते गिरे हुए हैं
हरे पत्तों में पीले पत्ते खोज रही है
🌻🌨️🌨️शायद जान से प्यारे रिश्ते मिल जाए
जो बहुत दिनों से दूर हो गए
🌻🌨️🌨️ जो टूट गए जो छूट गए इस रिश्ते में
शायद उनको पाने की कोशिश में

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