हंसो का जोड़ा

आओ सुनाए एक कहानी हंसो का जोड़ा
रहता था वन में
प्यार था इतना गहरा जैसे हो सागर में मोती

साथ में रहते साथ धूमते सरोवर में खेला करते
एक दूजे में प्यार में अक्सर दोनों खोए रहते

उन्हें देखकर ऐसा लगता जैसे हों महलों के
राजा और रानी

एक दिन एक शिकारी आया बन में और तीर
चलाया
हंसनी के तीर लगा प्राणपखेरू उड़ गए उसके

हंसो का जोड़ा बिछड़ गया हंस बड़ा ही दुख
में आया
हंस अब न था हंसता और अब न था रोता

एक कोने में बैठा रहता गम का मारा था बेचारा
ये कैसा गजब है रामा ये कैसा अजब हुआ रामा

हे भगवान् विनती है तुमसे साथ कभी किसी न छुटे
सबके जोड़े रहे सलामत अंत समय तक साथ रहे

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