दिल है जान है ऐसा ही कुछ हिन्दोस्तान है  

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दिल है जान है ऐसा ही कुछ हिन्दोस्तान है  

By |2017-08-17T22:28:27+00:00August 17th, 2017|Categories: गीत-ग़ज़ल|0 Comments

तेज तलवार तेग कटारी काबू में रखिए |

शेर हैं मेरे इन्हें ऐ प्यारी काबू में रखिए ||

हवाओं के साथ ऐ इश्क ज्यादा उड़िए मत |

बचैनी दर्द कसक बेकरारी काबू में रखिए ||

दिल है जान है ऐसा ही कुछ हिन्दोस्तान है |

जातिगत मसला बस अखबारी काबू में रखिए ||

निचोड़ देंगे सूरज को भी मिला कभी अगर |

चाँद से भी और कहो उजियारी काबू में रखिए ||

बात शराब की हो तो फिर कोई नहीं कहता |

‘तेज’ खूब पियेंगे अगर उधारी काबू में रखिए ||
                                                      

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