हरिवंश राय बच्चन

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मधुशाला

By | 2018-02-11T17:02:37+00:00 February 11th, 2018|Categories: कविता, हरिवंश राय बच्चन|Tags: , , , |

मृदु भावों के अंगूरों की आज बना लाया हाला, प्रियतम, अपने ही हाथों से आज पिलाऊँगा प्याला, पहले भोग [...]

साथी, नया वर्ष आया है

By | 2018-02-11T17:01:20+00:00 February 8th, 2018|Categories: कविता, हरिवंश राय बच्चन|Tags: , , |

वर्ष पुराना, ले, अब जाता, कुछ प्रसन्न सा, कुछ पछताता दे जी भर आशीष, बहुत ही इससे तूने दुख [...]

साथी, सब कुछ सहना होगा!

By | 2018-02-11T17:01:21+00:00 February 8th, 2018|Categories: कविता, हरिवंश राय बच्चन|Tags: , , |

मानव पर जगती का शासन, जगती पर संसृति का बंधन, संसृति को भी और किसी के प्रतिबंधों में रहना [...]

संवेदना

By | 2018-02-11T17:01:21+00:00 February 8th, 2018|Categories: कविता, हरिवंश राय बच्चन|Tags: , , , |

क्या करूँ संवेदना ले कर तुम्हारी ? क्या करूँ ? मैं दुःखी जब-जब हुआ संवेदना तुमने दिखाई, मैं कृतज्ञ [...]

हिम्मत करने वालों की कभी हार नही होती

By | 2018-02-11T17:01:21+00:00 February 8th, 2018|Categories: कविता, हरिवंश राय बच्चन|Tags: , , |

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती हिम्मत करने वालों की कभी हार नही होती नन्ही चींटीं जब [...]

साजन आए, सावन आया

By | 2018-02-11T17:01:21+00:00 February 8th, 2018|Categories: कविता, हरिवंश राय बच्चन|Tags: , , |

अब दिन बदले, घड़ियाँ बदलीं, साजन आए, सावन आया। धरती की जलती साँसों ने मेरी साँसों में ताप भरा, [...]

प्रतीक्षा

By | 2018-02-11T17:01:22+00:00 February 8th, 2018|Categories: कविता, हरिवंश राय बच्चन|Tags: , , , |

मधुर प्रतीक्षा ही जब इतनी, प्रिय तुम आते तब क्या होता? मौन रात इस भाँति कि जैसे, कोई गत [...]

मैं स्वयं बन मेघ जाता

By | 2018-02-11T17:01:22+00:00 February 8th, 2018|Categories: कविता, हरिवंश राय बच्चन|Tags: , , |

'मेघ' जिस-जिस काल पढ़ता मैं स्वयं बन मेघ जाता! 1 हो धरणि चाहे शरद की चाँदनी में स्नान करती, [...]

मधुबाला

By | 2018-02-11T17:01:22+00:00 February 8th, 2018|Categories: कविता, हरिवंश राय बच्चन|Tags: , , |

1 मैं मधुबाला मधुशाला की, मैं मधुशाला की मधुबाला! मैं मधु-विक्रेता को प्यारी, मधु के धट मुझ पर बलिहारी, [...]

पथ की पहचान

By | 2018-02-11T17:01:22+00:00 February 8th, 2018|Categories: कविता, हरिवंश राय बच्चन|Tags: , , , |

पूर्व चलने के बटोही, बाट की पहचान कर ले पुस्तकों में है नहीं छापी गई इसकी कहानी, हाल इसका [...]

नए वर्ष की शुभ कामनाएँ

By | 2018-02-11T17:01:23+00:00 February 8th, 2018|Categories: कविता, हरिवंश राय बच्चन|Tags: , , |

(वृद्धों को) रह स्वस्थ आप सौ शरदों को जीते जाएँ, आशीष और उत्साह आपसे हम पाएँ। (प्रौढ़ों को) यह [...]