हास्य कविता

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पैसों की ना टूटे लड़ी

By | 2017-07-05T21:42:58+00:00 July 5th, 2017|Categories: हास्य कविता|

विधा--पैरोडी शीर्षक--पैसों की ना टूटे लड़ी ............................................ पैसों की ना छूटे लड़ी, दे-दे चंदा घड़ी-दो-घड़ी। छोटे-छोटे जुगाड़ों को छोड़ो, [...]