यदुनंदन लाल वर्मा लोधी राजपूत, लेखक ।

लोधी शूद्र नहीं है तो इन्हे पिछड़ी जाति मे क्यो डाला गया है। पिछड़ी जाति का मूलाधार सामाजिक पिछड़ापन है। यदि लोधी शूद्र नही है है तो सारी लोधी महासभाओ को आरक्षण का…

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तुम्हारा पहला प्रेम पत्र

"तुम्हारा पहला प्रेमपत्र" आज अलमारी की दराज में तुम्हारा प्रेम पत्र मिला जिसें मैंने अपनी सबसे अनमोल धरोहर की तरह सहेज कर रखा था। पता है उसमें आज भी तुम्हारी लिपिस्टिक लगाकर चूमी…

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मरघट

एक मरघट हैं मेरे अंदर, जहां चिता जलती रहती हैं, मेरे कुछ स्वपनों की, कुछ स्मृतियों की, कुछ विशेष रिश्तों को बांधे रखनें वाली उन कच्ची डोरियों की, और यह निरंतर जलती रहती…

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रावण से राम तक

आइए आज दशहरे पर दो बातों पर ध्यान देते हैं:   पहली, दशमलव प्रणाली में मूलभूत संख्याएँ दस ही हैं - शून्य से लेकर नौ तक। इतने ही महापंडित ज्ञानी रावण के मुख…

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वो आँखे

सरपट भागती ट्रैन के साथ और हर बदलते नजारे के साथ बदल जाते है उसके चेहरे की भावनाएं,उसकी वो हँसी, वो नजाकत भरी नजरें पल पल बदलते नजारे के साथ बदलती उसकी हर…

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मेरा विचार

इन दिनों बड़े ही धूमधाम से नवरात्रि का त्योहार मनाया जा रहा है चारों तरफ माँ अम्बे की पूजा-अर्चना की जा रही है हर तरफ भक्तिमय माहौल बना हुआ है, लेकिन एक बात…

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🇮🇳हिन्दी हिन्द की बिन्दी 🇮🇳

#हिंदी_है_हम🇮🇳 #हिंदी_है_हम_वतन_है।🇮🇳 #हिन्दोस्तां_हमारा_हमारा।।🇮🇳 हम हिन्दुस्तान में रहते है, हिंदी मात्र भाषा है हमारी, तो उससे इतना परहेज क्यों? क्यो अंग्रेजी भाषा को हम अपनी योग्यता सिद्ध करने के लिए उपयोग में लाते है?…

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भाषा और संस्कृति

️ ✍️ #भाषा और संस्कृति_____ भाषा संस्कृति की आत्माभिव्यक्ती का साधन है। मनुष्य की पहचान भी भाषा से ही है। भाषा ही मनुष्य को औरों (चौपायों) से भिन्न करती है, यह जाति, धर्म,…

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चमत्कार है तो नमस्कार है ….!!

चमत्कार है तो नमस्कार है ....!! तारकेश कुमार ओझा डयूटी के दौरान लोगों के प्रिय - अप्रिय सवालों से सामना तो अमूमन रोज ही होता है। लेकिन उस रोज आंदोलन पर बैठे हताश…

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ये तब और अब मै सिर्फ़ 19 साल का ही फ़र्क़ है।

हम तब भी बात करते थे, हम अब भी बात करते हैं। ये तब और अब मै सिर्फ़ 19 साल का ही फ़र्क़ है। तब हम दोनो बिना छत वाली बस स्टैंड के…

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कृष्ण के दृष्टिकोण : आज के सामाजिक सन्दर्भ

हिन्दू धर्म में हम कृष्ण को गुरु मानते हैं। मेरे अनुसार कृष्ण केवल गुरु ही नहीं हैं, क्योंकि गुरु तो अन्धकार से प्रकाश में ले जाते हैं। कृष्ण ने तो अन्धकार को नजरअंदाज…

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मेरी बात

घर जाता हूँ तो मेरा ही बैग मुझे चिढ़ाता है, मेहमान हूँ अब ,ये पल पल मुझे बताता है .. . माँ कहती है, सामान बैग में डाल लो, हर बार तुम्हारा कुछ…

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तारकेश्वर : गरीबों का अमरनाथ ….!!

तारकेश्वर : गरीबों का अमरनाथ ....!! तारकेश कुमार ओझा पांच, दस, पंद्रह या इससे भी ज्यादा ...। हर साल श्रावण मास की शुरूआत के साथ ही मेरे जेहन में यह सवाल सहजता से…

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विलुप्त प्राय हमारा भविष्य

सुनकर आश्चर्य हो रहा है! परंतु यह वास्तविकता के काफ़ी नज़दीक है। पहले हमने सुना होगा की गिद्ध जैसे अनेक पक्षी एवं जानवर या तो विलुप्त हो गए हैं या विलुप्त प्राय है।…

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बादल बिजली का संग

सावन के पहले आता है आषाढ मास,जब बादल बिजली का साथ होता है.आसमान मे बादल छाते है ,बारिश होती है,और घटाओं के छाने से अंधेरा हो जाता है. मेंढकों की आवाज गूंजती है…

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