वो रामगढ़ था ये लालगढ़ …!!

वो रामगढ़ था ये लालगढ़ ....!! तारकेश कुमार ओझा यादों के जनरल स्टोर में कुछ स्मृतियां स्पैम फोल्डर में पड़े रह कर समय के साथ अपने - आप डिलीट हो जाती है ,…

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उपासना पद्दति और धर्म

मनुष्य केवल विज्ञान के आधार पर जीवन जीने वाला प्राणी नहीं है। इस कारण वह मानव जीवन के विविध आयामों के मध्य मनुष्यता के सामने आयी विभिन्न चुनौतियों या समस्याओं का समाधान खोजने…

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साहित्य समाज का दर्पण

किसी भी लिखित अभिव्यक्त का नाम साहित्य है। मनुष्य और समाज तथा उसकी मान्यतायें परिवर्तन होती रही है। और इसी के अनुसार साहित्य का स्वरूप भी बदलता रहा है, न तो मनुष्य न…

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अशुद्ध मैं नही तुम हो

"अशुद्ध में नही, तू है!" जो मेरे खून के दाग है, तेरे आने वाले वंश का सबूत है, अशुद्ध मैं नही, तू है! जो आज मंदिर नही जाती मैं, वजह तू है, जो…

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कोरोना काल में मेरा शहर खड़गपुर भी इंटरनेशनल हो गया …!!

कोरोना काल में मेरा शहर खड़गपुर भी इंटरनेशनल हो गया ...!! --------- तारकेश कुमार ओझा कोरोना के कहर ने वाकई दुनिया को गांव में बदल दिया है . रेलनगरी खड़गपुर का भी यही…

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बंबई के मुंबई बनने तक बहुत कुछ बदला …

बंबई के मुंबई बनने तक बहुत कुछ बदला ... तारकेश कुमार ओझा बंबई के मुंबई बनने के रास्ते शायद इतने जटिल और घुमावदार नहीं होंगे जितनी मुश्किल मेरी दूसरी मुंबई यात्रा रही ....महज…

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शेरू का पुनर्जन्म ….!!

शेरू का पुनर्जन्म ....!! तारकेश कुमार ओझा कुत्ते तब भी पाले जाते थे, लेकिन विदेशी नस्ल के नहीं। ज्यादातर कुत्ते आवारा ही होते थे, जिन्हें अब स्ट्रीट डॉग कहा जाता है। गली -…

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रेल यात्रा या जेल यात्रा …!!

रेल यात्रा या जेल यात्रा ...!! तारकेश कुमार ओझा ट्वीटर से समस्या समाधान के शुरूआती दौर में मुझे यह जानकार अचंभा होता था कि महज किसी यात्री के ट्वीट कर देने भर से…

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मुश्किल नहीं है याद करना

'प्रकाश' मोहन को एक शिकायत है। वह कहता है कि कितना ही याद किया जाए, मगर मुझे याद नहीं होता है। काश मुझे ऐसी तरकीब मिल जाती कि मैं बिना ज्यादा मेहनत किए…

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हिन्दी उपन्यासों में आर्थिक विमर्श

मनुष्य की विचारधारा को अर्थ परिवर्तित तथा प्रभावित करता हैI वर्तमान पूँजीवादी व्यवस्था के कारण हमारे देश में पूँजीपति, जमींदार, नेता, वकील, ड्राक्टर, पटवारी, सरकारी कर्मचारी आदि जिसका जहाँ वश चलता है, वहाँ…

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प्रदूषण

दिल्ली हुई काली, क्या अब देश की बारी!!! देश की राजधानी दिल्ली की आबोहवा में ज़हर घुल गया है, दिल्ली गैस चैम्बर बन चुकी है। ऐसी सुर्खियां हर सर्दियों के मौसम में समाचार…

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बैकिंग के क्षेत्रों में महिलाओं का बढ़ते कदम

विश्वविख्यात अमेरिकी विचारक स्वेट मोर्डन द्वारा रचित पुस्तक Every Man a King में लिखा है कि- ’’यह संसार विजयी व्यक्ति का सम्मान करता है। लोग उसे ही पसंद करते है क्योंकि ऐसे ब्यक्ति…

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प्यार करना जुर्म है?

एक लोकल स्टेशन से एक दुबला पतला नौजवान गाडी में चढ़ा वह गाड़ी पैसेंजर से खचाखच भरी थी सीट मिलने का तो कोई सवाल ही नही था जैसे तैसे करके एक दो स्टेशन…

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हिन्दी साहित्य का बहुमुखी व्यक्तित्व के धनी : प्रो0 (डॉ0) छेदी साह

हिन्दी साहित्य के साथ-साथ अंगिका भाषा के लब्धप्रतिष्ठ शिक्षाविद, सुविख्यात समीक्षक, कवि एवं आलोचक डॉ. छेदी साह का उदय बीसवीं सदी के आठवें दशक में हुआ था ये इक्कीसवीं सदी के प्रारंभिक चरण…

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नए साल का संकल्प

फिर से एक और नया साल आ रहा है। फिर से आप रिजॉल्यूशन की झड़ी लगा देंगे, खुद के ऊपर। लेकिन पिछले कुछ सालों पर नजर डालें तो शायद आपके द्वारा लिया गया…

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