यश और आलोचना

(यश और आलोचना......सिक्के के दो पहलू) यश और आलोचना सफलता के शिखर पर पहुँचाने वाली सीढ़ी पर लगें दो विपरीत दिशाओं के वह खम्भे है जो किसी व्यक्ति को आगे बढा़ने में सहायक…

Continue Reading यश और आलोचना

बच्चों की परवरिश(पैरेन्टिंग)

[fusion_builder_container hundred_percent="no" equal_height_columns="no" menu_anchor="" hide_on_mobile="small-visibility,medium-visibility,large-visibility" class="" id="" background_color="" background_image="" background_position="center center" background_repeat="no-repeat" fade="no" background_parallax="none" parallax_speed="0.3" video_mp4="" video_webm="" video_ogv="" video_url="" video_aspect_ratio="16:9" video_loop="yes" video_mute="yes" overlay_color="" video_preview_image="" border_size="" border_color="" border_style="solid" padding_top="" padding_bottom="" padding_left="" padding_right=""][fusion_builder_row][fusion_builder_column type="1_1" layout="1_1"…

Continue Reading बच्चों की परवरिश(पैरेन्टिंग)

गाँव की बेहतर होती जीवनशैली

आजकल के गाँव पहले जैसे नहीं रहे हैं। उनमें भी शहरीकरण जैसा परिवर्तन हो रहा है। भारत के ज़्यादातर गाँवों में बिजली,पानी,इंटरनेट आदि सभी सुविधाएँ पहुँच गई हैं क्योंकि शिक्षा का स्तर निरंतर…

Continue Reading गाँव की बेहतर होती जीवनशैली

अहमियत रिश्तों की

अहमियत रिश्तों की कितने हँसी वो पल होते हैं जब कोई अपना पास और साथ होता है। न दर्द, न उलझनें पास होती है कोई एक रिस्ता ऐसा होता है। जिसके होने मात्र से…

Continue Reading अहमियत रिश्तों की

रिश्तों की अहमियत

रिश्तों की अहमियत आज हम सब हकीकत से ज्यादा दिखावे में विस्वास करते हैं। अपना ज्यादा से ज्यादा बहुमूल्य वक्त जो कि अपनो के साथ बिताना चाहिए अपनों के लिए देना चाहिए उसे…

Continue Reading रिश्तों की अहमियत

नारी तू संभल जा

जब बेटे के कान मे भर दिया जाता है तो बेटा अपनी मां की बात को सच मानता है और लाख यत्न से भी उसकी मानसिकता अपनी पत्नी और उसके परिवार के प्रति लगाव नही हो सकता।।क्या फोन का प्रयोग दूर बैठ कर भी दखलअदाजी के लिये ही करना चाहिये।

Continue Reading नारी तू संभल जा

मैंआभारी हूं।

मैं फेसबुक की आभारी हूं ******************** आज मुझे कहने मे अच्छा लग रहा है कि फेसबुक ने एक लोकतांत्रिक मंच खडा कर दिया है।यह अलग बात है कि कुछ बुद्धिजीवियों को यह हजम…

Continue Reading मैंआभारी हूं।

जिंदगी और नारी

अभी कल ही महिला दिवस निकल कर गया ऐसे ही मेरे मन में विचार आया हम औरतों की आखिर आजादी है क्या। शायद हम औरतें कभी नहीं जान पाती आखिर वह हैं क्या,…

Continue Reading जिंदगी और नारी

शोक दिवस

। । ॐ । । ~शोक दिवस ~ --------------------- आज ही के दिन श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर को विवादित ढांचा कहकर धराशायी कर दिया गया था । बाहर-भीतर नंगी आंखों दिखने वाले अनगिनत सबूतों…

Continue Reading शोक दिवस

अंधों का विश्वास

🕉 --------------------------- किसी भी बात को तर्क की कसौटी पर कसे बिना मान लेना यदि अंधविश्वास है तो किसी भी बात की जॉंच-परख किए बिना उसे मानने से इंकार कर देना भी अंधविश्वास…

Continue Reading अंधों का विश्वास

नारी:कही अनकही

जीवन की बगिया की मैं पुष्प सुरभित सुकुमारी सृष्टि बीज कोख में सींचती सुवासित करती धरा की क्यारी मैं मोम हृदय स्नेह की आँच से पिघल-पिघल  साँचे में ढलती मैं गीली माटी प्रेम…

Continue Reading नारी:कही अनकही

बघेली बोली एक झलक

[28/02 5:55 PM] रामानुज श्रीवास्तव अनुज: बघेली एक झलक ...................... मध्यप्रदेश के रेवा (रीवा, बघेली में रीमा) के आस पास बोली जाने वाली बोली रिमही थी। रीवा में ठेठ रिमही बोली बोली जाती…

Continue Reading बघेली बोली एक झलक

ताजमहल मंदिर भवन था

। । ओ३म् । । * *आज देश का (विशेषकर उत्तर प्रदेश का) शासन चला रहे लोगों में बहुतेरे ऐसे भी हैं जो कि बुद्धि के पीछे लठ्ठ लिए पिले पड़े हैं ।*…

Continue Reading ताजमहल मंदिर भवन था

हिन्दी की दुविधा

हिन्दी साहित्य एवम भाषा की उत्पति और विकास के बारे में अग्रगण्य विद्वानों का भिन्न भिन्न मत रहा है। उनके मतों का अवलोकन करने पर यह निष्कर्ष स्पष्ट होता है कि हिन्दी का…

Continue Reading हिन्दी की दुविधा

विचारों का टकराव

अपने बच्चों के साथ व्यवहार करते हुए कई बार हमे बहुत इम्तहानो से गुजरना पडता है।परिवर्तन तो समय का नियम है।जो बात हमारे नजरिये मे सही हो ,हो सकता है समय ने उसके…

Continue Reading विचारों का टकराव