हिन्दी साहित्य इतिहास लेखन -विहंगावलोकन

सामान्यत : ” इतिहास ” शब्द से राजनीतिक व सांस्कृतिक  इतिहास का ही बोध होता है ,किन्तु वास्तविकता यह है …

सड़क से संसद तक गूंजती आवाज -दुष्यंत

“एक खंडहर के हृदय सी एक जंगली फूल सी, आदमी की पीर गूगी ही सही गाती तो है।” वास्तव में …

विक्रमशिला विश्वविद्यालय : उपेक्षा का शिकार क्यों?

प्राचीन भारत के महत्वपूर्ण विश्वादालयों में विक्रमशिला विश्वादालाया का एक महत्वपूर्ण स्थान है।यह नालंदा,तेलह!रा,तक्षशिला विश्वादालयों की श्रेणी में है।प!ल वंश …

तिरुक्कुरल 1

धर्म —प्रार्थना –१ से दस तक तिरुक्कुरल तिरुवल्लुवर तमिल भाषा के साहित्य का सूर है. उनके तिरुक्कुरल का अनुवाद संसार …

भारतीय इतिहास का बदलता स्वरूप

भारत 🙁 ऐतिहासिक एवं वर्तमान दृष्टि में ) – जिस देश का इतिहास स्वर्ण अक्षरों में अंकित करने के लिये …

श्री रामरक्षास्तोत्र

विनियोग: अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य बुधकौशिक ऋषिः। श्री सीतारामचंद्रो देवता। अनुष्टुप्‌ छंदः। सीता शक्तिः। श्रीमान हनुमान्‌ कीलकम्‌। श्री सीतारामचंद्रप्रीत्यर्थे रामरक्षास्तोत्रजपे विनियोगः। अथ …

गायत्री स्तोत्र

सुकल्याणीं वाणीं सुरमुनिवरैः पूजितपदाम शिवाम आद्यां वंद्याम त्रिभुवन मयीं वेदजननीं परां शक्तिं स्रष्टुं विविध विध रूपां गुण मयीं भजे अम्बां …

हनुमान चालीसा

श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि ।

बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि ॥

बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौं पवन-कुमार ।

बल बुधि बिद्या देहु मोहिं हरहु कलेस बिकार ॥