आलोचना

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आशिकी

By | 2017-07-22T08:49:50+00:00 July 22nd, 2017|Categories: आलोचना|

मेरी आशिकी में कसर रह गई हैं कमी है दिल में एक कसक रह गई हसीना मेरी बाहों में [...]

अपनी धुन

By | 2017-07-20T21:39:28+00:00 July 20th, 2017|Categories: आलोचना|

मैं बाबरी कुछ बेतल सी आवारा कुछ लगती पागल सी जाने क्या मैं सोच में रहती बस अपनी ही [...]

धरती का दुख

By | 2017-07-18T15:13:22+00:00 July 18th, 2017|Categories: आलोचना|

माँ का रूप दिया तुमने धरती माता मैं कहलाती धरा भूमि पृथ्वी जननी पर्यायवाची हैं शब्द मेरे दीनबंधु ने [...]

रिश्ते

By | 2017-06-27T07:53:25+00:00 June 27th, 2017|Categories: आलोचना|

रिश्ते अब तो रिसने लगे हैं कभी - कभी तो टीसने भी लगे हैं आजकल इतने बनावटी और खोखले [...]

व्यग्र पाण्डेय के काव्य-संग्रह “कौन कहता है…”का विमोचन

By | 2017-06-22T01:07:14+00:00 June 22nd, 2017|Categories: आलोचना|

राष्ट्रीय सेमीनार (13/05/2017) गंगापुर सिटी (राज.) के अन्तर्गत कवि विश्वम्भर पाण्डेय 'व्यग्र' के काव्य-संग्रह " *कौन कहता है..."* का [...]

भाग्य लेख

By | 2017-06-15T22:44:01+00:00 June 15th, 2017|Categories: आलोचना|

  शिवानी बच्चों  को रात खाना खिला कर सुला चुकी थी और रणजीत के आने की प्रतीक्षा कर रही [...]