आलोचना

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गोबर

By | 2017-04-21T14:27:44+00:00 April 21st, 2017|Categories: आलोचना|

वैक्यूम क्लीनर बेचने वाले सेल्समैन ने दरवाजा खटखटाया। एक महिला ने दरवाजा खोला पर इससे पहले कि मुहँ खोलती... [...]

लिफ्ट

By | 2017-04-21T14:27:01+00:00 April 21st, 2017|Categories: आलोचना|

गाँव का आदमी मुम्बई पहुँच गया सड़क के किनारे खड़ा ऊँची बिल्डिंग को देख रहा था ! एक औरत [...]

कपड़ों का चयन

By | 2017-02-21T02:14:07+00:00 February 19th, 2017|Categories: आलोचना|

जीवन में तीन चीज़े सबसे ज्यादा जरुरी होते हैं  । रोटी , कपड़ा और मकान । वस्त्र तन ढ़कने [...]

कदम

By | 2016-12-20T08:28:14+00:00 December 19th, 2016|Categories: आलोचना|Tags: |

संघर्श ही जीवन है मिलता नही यहाँ कुछ हार कर बैठ जाने से मंज़िल होती है हासिल खुद को [...]

माँ

By | 2016-12-20T08:28:17+00:00 December 19th, 2016|Categories: आलोचना|Tags: |

माँ लौट आंउगा सांझ तले अभी जाना है कर्म के युद्ध क्षेत्र में लौट आउंगा तरकारी ठंडी होने से [...]