हम सैनिक हैं बड़े हठीले

हम सैनिक हैं बड़े हठीले, हम कुछ भी कर जायेगें। अरि सुनकर पद ध्वनियों को, वो दिल ही दिल में दहशत खायेगें। हम ऐसे वीर मतवाले हैं, जैसे लड़ सकते हम लड़ जायेंगे।…

Continue Reading

उठो प्यारे लाल

उठो प्यारे लाल अब सुबह हो चुकी है, पंछियां चहचहा रही हैं अब उठो प्यारे लाल,देखो प्यारी-प्यारी किरणें जग को सुंदर बना रही हैं, आलस त्याग कर सारें काम पर जा चुके हैं,…

Continue Reading

हिप हिप हुर्रे

पिछले एक घंटे से उसके हाथ मोबाइल पर जमे हुए थे। पबजी गेम में उसकी शिकारी निगाहें दुश्मनों को बड़ी मुश्तैदी से साफ कर रहीं थी। तकरीबन आधे घंटे की मशक्कत के बाद वो…

Continue Reading

एक था बचपन

एक  था  बचपन ,एक था  बचपन , भोला सा ,प्यारा  सा  ,नन्हा सा बचपन . क्यों  हैवानियत का ग्रास बना  बचपन ?   वोह  नटखटपन ,वोह शोखियाँ और  शरारतें , वोह अल्हड़पन ,…

Continue Reading

प्रतिस्पर्धा

राहुल   अपनी  कक्षा   का   सबसे   मेघावी   व्  बुध्धिमान  छात्र   था. पढाई   के साथ-साथ   वह   विद्यालय   में होने वाली अन्य  गतिविधियों-खेल कूद व् सांस्कृतिक   कार्यक्रमों   में भी बढ़-चढ़  के भाग लेता था.  विद्यालय   के  …

Continue Reading

अनाथ – नाथ

उसे नहीं  मालूम था अनाथ क्या  होता है वह तो बस इतना जानती थी के माँ हमेशा नाथ-नाथ पुकारती रहती थी उसने माँ को पूछा था माँ  नाथ  क्या होता है माँ ने…

Continue Reading

मामा

" लाली.. यह गठरी जरा अपने सर पर ऱख लो अब मुझसे और इसका बोझ न उठाया जायेगा"... नानी को जल्दी थी गठरी में बंधी रूई से नयी रजाई बनवाने की ताकि उनकी…

Continue Reading
Close Menu