डोटल गांव डायरी

सर्वप्रथम हमें घर के बाहर , गोरियां (घिनोर) , सीटोअ , घुघुत , निरचि काअ , जैसे अनगिनत रंग , बिरंगे पंछी देखने को मील जाते थे ।

चप्पल वाला दुध

सारे लोग ठहाके मार मार के हंस रहे थे। सबके हाथ में चप्पल थे। मोनू भी ठहाके लगा कर दुघ पी रहा था। चप्पल वाले दुध का लुत्फ सारे उठा रहे थे। मोनू भी।

हिप हिप हुर्रे

पिछले एक घंटे से उसके हाथ मोबाइल पर जमे हुए थे। पबजी गेम में उसकी शिकारी निगाहें दुश्मनों को बड़ी मुश्तैदी …

एक था बचपन

एक  था  बचपन ,एक था  बचपन , भोला सा ,प्यारा  सा  ,नन्हा सा बचपन . क्यों  हैवानियत का ग्रास बना  …

प्रतिस्पर्धा

राहुल   अपनी  कक्षा   का   सबसे   मेघावी   व्  बुध्धिमान  छात्र   था. पढाई   के साथ-साथ   वह   विद्यालय   में होने वाली अन्य  गतिविधियों-खेल …