प्रतिस्पर्धा

राहुल   अपनी  कक्षा   का   सबसे   मेघावी   व्  बुध्धिमान  छात्र   था. पढाई   के साथ-साथ   वह   विद्यालय   में होने वाली अन्य  गतिविधियों-खेल कूद व् सांस्कृतिक   कार्यक्रमों   में भी बढ़-चढ़  के भाग लेता था.  विद्यालय   के  …

Continue Reading

अनाथ – नाथ

उसे नहीं  मालूम था अनाथ क्या  होता है वह तो बस इतना जानती थी के माँ हमेशा नाथ-नाथ पुकारती रहती थी उसने माँ को पूछा था माँ  नाथ  क्या होता है माँ ने…

Continue Reading

मामा

" लाली.. यह गठरी जरा अपने सर पर ऱख लो अब मुझसे और इसका बोझ न उठाया जायेगा"... नानी को जल्दी थी गठरी में बंधी रूई से नयी रजाई बनवाने की ताकि उनकी…

Continue Reading

आत्मविश्वास

अनुभव को मंच पर धाराप्रवाह में शुद्ध उच्चारण के साथ भाषण देते  हुए देखकर  बच्चों के साथ-साथ सभी अध्यापक भी चकित रह गए वह भी कंठस्थ? वे कोई सपना तो नहीं  देख रहे।तभी…

Continue Reading

कुसंगति का फल

कुसंगति का फल सेठ करोड़ीमल का रोहित इकलौता पुत्र था। उसका अधिकाँश समय अपने आमों के बागों में बीतता था। वहाँ उसके दो - चार दोस्त बन गए थे। उनकी संगति में रोहित…

Continue Reading

कौन बड़ा ?

एक जंगल में एक शेर और मक्खी रहती थी। एक बार शेर जंगल में सो रहा था । मक्खी बार -बार भिन्न -भिन्न कर रही थी । शेर ने बोला में जंगल का…

Continue Reading

ईमानदार लड़का

मन्नू एक गरीब लड़का था । घर में वह और उसकी माँ रहते थे । मन्नू जंगल से लकड़ियाँ चुनकर लाता और बेच देता था ।जो रुपये मिलते उनसे कुछ रूखा-सूखा खा लेते।…

Continue Reading

भक्त भानुदास

भक्त भानुदास हर समय हरी भजन में लगे रहें रहते थे| उनके माता-पिता जब जाट जीवित रहे, भानुदास और उनके पत्नी-बच्चों का पालन - पोषण करते रहे , पर उनकी मृत्यु के बाद…

Continue Reading

नजरों का फर्क

एक गुरुकुल में दो राजकुमार पढ़ते थे । दोनों में  घनी मित्रता थी | एक दिन उनके आचार्य दोनों को घूमने ले गए |  भूमते हुआ वे काफी दूर निकल गए| तीनो प्राकृतिक शोभा…

Continue Reading

सफेद गुड़

दुकान पर सफेद गुड़ रखा था। दुर्लभ था। उसे देखकर बार-बार उसके मुँह से पानी आ जाता था। आते-जाते वह ललचाई नजरों से गुड़ की ओर देखता, फिर मन मसोसकर रह जाता। आखिरकार…

Continue Reading
  • 1
  • 2
Close Menu