भक्त भानुदास

भक्त भानुदास हर समय हरी भजन में लगे रहें रहते थे| उनके माता-पिता जब जाट जीवित रहे, भानुदास और उनके पत्नी-बच्चों का पालन - पोषण करते रहे , पर उनकी मृत्यु के बाद…

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नजरों का फर्क

एक गुरुकुल में दो राजकुमार पढ़ते थे । दोनों में  घनी मित्रता थी | एक दिन उनके आचार्य दोनों को घूमने ले गए |  भूमते हुआ वे काफी दूर निकल गए| तीनो प्राकृतिक शोभा…

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सफेद गुड़

दुकान पर सफेद गुड़ रखा था। दुर्लभ था। उसे देखकर बार-बार उसके मुँह से पानी आ जाता था। आते-जाते वह ललचाई नजरों से गुड़ की ओर देखता, फिर मन मसोसकर रह जाता। आखिरकार…

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दो घड़े

एक घड़ा मिट्टी का बना था, दूसरा पीतल का। दोनों नदी के किनारे रखे थे। इसी समय नदी में बाढ़ आ गई, बहाव में दोनों घड़े बहते चले। बहुत समय मिट्टी के घड़े…

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खिड़की खुली न रखना

दीपावली की रात को पूजा हो चुकी थी। मम्मी ने कहा –“चलो जल्दी से घर बंद करो, बुआ के घर दीपावली की शुभ कामनाएं व मिठाई दे आते हैं ।’
सौम्या ने मम्मी से पूछा — “मम्मी सब खिड़कियां भी बंद कर दूँ ?’
“नहीं बेटा खिड़कियां बंद नही करना ।’ (more…)

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